सर्व विदित है कि प्राचीन काल में भारतवर्ष (जम्बूद्वीप) बौद्धचरित सभ्यता का देश था। लोक कल्याण हेतु बुद्ध वचन और धम्म साधना के माध्यम से भारत भूमि ने अपना सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक परम्परा को जन्म दिया था। तथागत भगवान बुद्ध के करुणा से युक्त अनुशासन धम्म एवं इसके महान प्रचारक तथागत भगवान बुद्ध के द्वारा विश्व के कोने-कोने में फैलाया गया, जो भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में आज भी मानव जीवन के लिए प्रासंगिक बना हुआ है।
परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहब डॉ० भीम राव अम्बेडकर की 125वीं जयंती वर्ष तथा महाबोधि राहुल सांकृत्यायन की 123वीं जयंती के पावन अवसर पर दिनांक 9 अप्रैल 2016 को “बुद्ध धम्म, मुहम्मदाबाद गोहना जनपद – मऊ” का शिलान्यास पवित्र भूमि पर किया गया, प्राचीन महाविहार संरचना का सृजन किया जा रहा है। इस महान कार्य हेतु आप सभी महानुभावों से सहयोग की अपेक्षा है। आप अपना सहयोग धनराशि चेक, ड्राफ्ट, NEFT, RTGS द्वारा भेज सकते हैं।
भारत भूमि करोड़ों लोगों के लिए पुण्य भूमि रही है। उनके विश्वव्यापी दर्शन के कारण हम सबके समक्ष है। वर्तमान में अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक संस्थाएं भारत देश के नागरिकों के जीवन को सुन्दर एवं कल्याणकारी बनाने हेतु कार्य कर रही हैं।
हमारे साथ जुड़ें और गरीब परिवार की मदद करें