हमारे बारे में संस्था का उद्देश्य:
समाज में समता स्वतंत्रता तथा बंधुत्व के भावना भावना के विकास हेतु हर संभव प्रयास करना बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार कर समाज में नई जागृति पैदा करना तथा मानव में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना दलित शोषित तथा निर्धन लोगों को उनमें फैली असमानता अंधविश्वास तथा कुरीतियों को बताकर दूर करना इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विचार गोष्ठी प्रवचन सभा अध्ययन शिविर स्मिथ दिवस तथा सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन करना बौद्ध धर्म के उत्थान हेतु बुद्ध विहारों का निर्माण करना बौद्ध साहित्य का संकलन प्रचार प्रसार लेखन वह प्रशासन करना तथा साहित्य प्रकाशन हेतु प्रिंटिंग प्रेस लगाना समाज में शिक्षा के विकास हेतु शिक्षण संस्थानों पुस्तकालयों वाचनालियों तथा छात्रावासों की स्थापना व संचालन करना धर्मार्थ एवं गरीबों के सहायतार्थ विज्ञान कला एवं साहित्य प्रशिक्षण देना तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करना गरीब तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन देने के लिए आर्थिक सहयोग देना धर्मार्थ एवं गरीबों के सहायता निशुल्क चिकित्सालय एवं औषधालय खोलना।
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🎯 बुद्धांकुर भीम ज्योति समिति बुद्ध विहार का इतिहास
तथागत भगवान गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर में मदत धर्म करती ने दिनांक 27 नवंबर 1985 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन भीम ज्योति बुद्ध विहार का शिलान्यास उपासकों से करवाया था इस शिलान्यास समारोह में दो वर्षों से धर्म बंधु भाग लेने आजमगढ़ जनपद से गए थे इस बुद्ध विहार के शिलान्यास समारोह से प्रेरित होकर आजमगढ़ जनपद की तहसील मोहम्मदाबाद गोहाना मुख्यालय पर भीम ज्योति सॉन्ग नाम से एक संस्था बनाकर मदत धर्मकृत के नेतृत्व में बुद्ध धर्म का प्रचार प्रसार किया गया मदत धन कृति ने भी ज्योति संघ मोहम्मदाबाद गोहना जनपद आजमगढ़ के बैनर तले विकास खंड मोहम्मदाबाद गोहाना सठियांव तथा रानीपुर की पदयात्रा करके बुद्ध धर्म का सगन प्रचार प्रसार किया अब संस्था का पंजीकरण करने की आवश्यकता महसूस हुई भीम ज्योति संघ नाम से संस्था का पंजीयन नहीं हुआ इसलिए संस्था के नाम पर विचार विमर्श हुआ जुलाई 1987 में धम्म के प्रचार प्रसार के सिलसिले में संस्था के चार सदस्य दीपांकर अनंत सेल कौशांबी अच्छे लाल एवं ज्ञानदीप विकासखंड मोहम्मदाबाद गोहाना के ग्राम तिल सभा में रात्रि निवास किए थे दूसरे दिन सवेरे जलपान के दौरान एक सदस्य श्री अच्छे लाल जो बनता स कंपनी प्राइवेट लिमिटेड बात नगर जिला 24 परगना पश्चिम बंगाल में नौकरी करते थे ने कहा कि कोलकाता में एक बुढंकुर बुद्ध विहार है क्यों ना संस्था के साथ बुद्ध अंकुर शब्द जोड़ दिया जाए उनका सुझाव अच्छा लगा और निर्णय लिया गया कि संस्था का नाम बुद्ध अंकुर भी ज्योति समिति होगा बुद्ध को भी ज्योति समिति मोहम्मदाबाद गोहना मऊ के नाम से रेलवे स्टेशन मोहम्दाबाद गोहना के बगल में रेलवे की भूमि सीमा से सटे दक्षिणी तरफ मोहल्ला कबीराबाद में 115 एयर भूमिक्रय की गई इस भूमि में 28 जनवरी 1990 ई को डॉक्टर अंबेडकर पुस्तकालय एवं वाचनालय भवन का शिलान्यास पूज्य भीक्षु प्रोफेसर समदोड़ रन पोछे निर्देशक केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा स्थान सारनाथ वाराणसी के कर कमल द्वारा संपन्न हुआ जिसका उद्घाटन बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के जन्म शताब्दी समारोह के पावन अवसर पर दिनांक 14 अप्रैल 1991 को पूज्य बिच्छू प्रोफेसर के चंद्रतन अध्यक्ष श्रीलंका बुद्ध विहार श्रावस्ती दिन पाली विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ के कर कमल द्वारा संपन्न हुआ पुस्तकालय वासनालय के दक्षिण और जीवोद धम्मा हाल बनाया गया है महा पंडित राहुल सांकृत्यायन की 123 की जयंती के अवसर पर दिनांक 9 जनवरी 2016 को पूज्य बिच्छू मदत पंडित शिवाली सचिव महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया शाखा सारनाथ वाराणसी के कर कमल द्वारा मुद््दांकर बुद्ध विहार का शिलान्यास हुआ पांच कमरों का बिच्छू आवाज उसके ऊपर प्रथम तल पर बुद्ध विहार का स्लैब लग चुका है बुद्ध विहार का गुंबद भी तैयार हो गया है बुधनपुर बुद्ध विहार का प्लास्टर भी हो गया है इस समय रेलिंग बनाने का कार्य चल रहा है एक ऐतिहासिक बौद्ध वृक्ष भी प्रांगण में रोपा गया है जिसका इतिहास संलग्न है।